संभल में फिर गरजा बुलडोजर: कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध ईदगाह को किया जमींदोज

संभल में फिर गरजा बुलडोजर: कब्रिस्तान की जमीन पर बनी अवैध ईदगाह को किया जमींदोज

Bulldozer Action in Sambhal

Bulldozer Action in Sambhal

संभल: Bulldozer Action in Sambhal: जिले के असमोली थाना क्षेत्र स्थित मड़न गांव में मंगलवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गई अवैध ईदगाह पर बुलडोजर चलवा दिया. इस एक्शन की तैयारी जिला प्रशासन ने पहले से कर रखी थी. जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया. टीम में नायब तहसीलदार, 8 लेखपाल और 10 राजस्व कर्मियों को शामिल किया गया. कब्जा कर बनाई गई ईदगाह कुछ ही देर में जमींदोज हो गई. इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा.

कार्रवाई के दौरान ईदगाह की मीनार को भी जेसीबी मशीन की सहायता से गिराया गया. प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी. बुलडोजर कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा. फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है.

नायब तहसीलदार सुधीर कुमार ने बताया कि गाटा संख्या 208 और 210 के किनारे की भूमि है, जिसे कब्रिस्तान के रूप में सुरक्षित किया गया है. कब्रिस्तान में नमाज अदा करना कहीं से भी उचित नहीं है. यदि वास्तव में धार्मिक उद्देश्य होता तो कब्रिस्तान को ईदगाह का स्वरूप नहीं दिया जाता. यह भूमाफिया का कृत्य है. ईदगाह की आड़ लेकर इस भूमि की अवैध प्लॉटिंग कर अवैध धन अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा था. यह सड़क किनारे स्थित महत्वपूर्ण भूमि है, जो पेट्रोल पंप जैसे सार्वजनिक उपयोग के लिए भी उपयुक्त है.

इसी क्रम में उच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने इसी गांव में करीब एक बीघा जमीन को कब्जा मुक्त कराया. यहां एक महिला ने अपनी जमीन का विधिवत बैनामा कराया था और उसके नाम दाखिल-खारिज भी हो चुकी थी. इसके बावजूद दूसरे पक्ष ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया. पीड़िता ने कई वर्षों तक जिला प्रशासन से शिकायतें कीं, लेकिन जमीन कब्जा मुक्त नहीं हो सकी.
प्रशासन की ओर से कई बार कब्जा हटाने के प्रयास किए गए, लेकिन कब्जाधारी ने जमीन खाली नहीं की. इसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने प्रशासन को जमीन कब्जा मुक्त कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे.

आदेश के बावजूद जब कब्जा नहीं हटाया गया तो पीड़िता ने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर कर दी. अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने प्रशासन से अनुपालन (कंप्लायंस) रिपोर्ट तलब की. इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार के नेतृत्व में पुलिस बल तथा बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की. तहसीलदार सुनील कुमार ने बताया कि पीड़ित महिला ने इस भूमि का बैनामा कराया था, जिसके आधार पर उसके नाम दाखिल-खारिज भी हो गई थी. इसके बावजूद दूसरे पक्ष ने जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया.